ईरान के इस्लामी क्रांति सिपाहे पासदारन के पूर्व कमांडर मोहसिन रज़ाई ने अपने एक बयान में कहा है कि दुनिया और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और साम्राज्यवादी व जायोनी मोर्चे के गठबंधन के बावजूद इस्लामी रिपब्लिक ईरान ने साम्राज्यवाद को नाकों चने जबवा दिए हैं।
रिपोर्ट के नुसार मोहसिन रज़ाई ने ईरान के दक्षिणी क्षेत्र "बोशहर" में इस्लामी क्रांति के कमांडरों और प्रांतीय अधिकारियों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि साम्राज्यवाद, ज़ायोनिज़्म और पश्चिम के पूंजीवाद सिस्टम ने पिछले सत्तर वर्षों के दौरान एक ऐसे षड़यंत्र को क्रियात्मक बनाने की कोशिश की है कि जिसके द्वारा इस्लामी दुनिया के गठबंधन को पारा पारा करके इस्लाम व मुसलमानों के पवित्र स्थानों मक्का, मदीना, बैतुल मुक़द्दस नजफ़ और कर्बला को इस्लामी दुनिया से अलग दिया जाए।
मोहसिन रजाई ने कहा कि वैश्विक साम्राज्यवादी ताकतों ने ज़ायोनी सरकार के गठन द्वारा कुद्स शरीफ पर कब्जा कर लिया और वहाबियत को परवान चढ़ाया ताकि "नील से फ़ुरात तक" के यहूदियों के महत्वाकांक्षी सपने को क्रियात्मक बनाया जा सके।
25 सितंबर 2016 - 19:24
समाचार कोड: 781415
ईरान के इस्लामी क्रांति सिपाहे पासदारन के पूर्व कमांडर मोहसिन रज़ाई ने अपने एक बयान में कहा है कि दुनिया और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और साम्राज्यवादी व जायोनी मोर्चे के गठबंधन के बावजूद इस्लामी रिपब्लिक ईरान ने साम्राज्यवाद को नाकों चने जबवा दिए हैं